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कुछ सवाल

मेरे कुछ सवाल - • स्त्री का सबसे बड़ा सुख क्या है ? • स्त्री का सबसे बड़ा दुःख क्या है ? • स्त्री किस स्थिति में सबसे प्रिय वस्तु/ रिश्ते को त्याग देती है ? • स्त्री कैसे पुरुष पर सबसे ज्यादा भरोसा करती है ? • स्त्री के जीवन में पुरुष- प्रेम का क्या महत्व है ? • स्त्री की दृष्टि में पुरुष कब घृणा का पात्र बन जाता है ? • आधुनिक युग में स्त्री किस तरह के पुरुषों को पसंद करती हैं? • स्त्री की दृष्टि में ' ईमानदार पुरुष ' का क्या अर्थ है ? • स्त्रियों की दृष्टि में जीवन में ' सुख ' और ' सफलता' का क्या मायने हैं ?

सबक

लोग किसी भी रिश्ते की शुरुआत सुंदर कल्पनाओं से करते हैं और अपनी मूर्खताओं की वजह उसे बदसूरत बना देते हैं । कहाँ हमलोगों को खुशी के साथ, सम्मान के साथ और प्रेम के साथ एक दूसरे को समझते हुए जीना चाहिए था और कहाँ हम एक- दूसरे से शिकवा- शिकायत शुरू कर दिए । यहाँ तक कि बोलने बतियाने और कुछ उत्सव मनाने से कतराने लगे । छिः मूर्खता का हद है ! शरीर नहीं तो जीवन कैसा, उत्सव कैसा ? शरीर मन के उत्सव को साकार करने का माध्यम है । शरीर है तो कोई रिश्ता है- पति है, प्रेमी है या ब्यायफ्रेंड । पुरुष के लिए माँ, पत्नी, बेटी या कोई फ्रेंड या गर्लफ्रेंड । पवित्रता- अपवित्रता सब मन की उपज है।  

ग़ज़ल

सपने की हकीकत, बयां करते नहीं । टूट जाते हैं इक दिन, बयां करते नहीं ॥ जिन्हें देखा था कि वे हमदम हैं । वे हमदम नहीं, बयां करते नहीं ॥ हसीनों से दोस्ती न कर तू । वे बदल जाती हैं, बयां करती नहीं ॥ ख्वाबों की मल्लिका, ख्वाब ही रहती हैं । इस सच को कहीं, बयां करते नहीं ॥ आदमी है तो उम्मीद तो रक्खेगा ही | उम्मीदें टूट जाती हैं, बयां करते नहीं ॥ कहीं गफ़लत में जीने से अच्छा है । जी जिंदगी ऐसे ही, बयां करते नहीं ॥

हिसाब किताब

स्त्रियाँ कहती हैं- तुम जाओ । इतना बेवकूफ नहीं हो कि मेरी भाषा समझ नहीं रहे हो । वे गुस्सा करेंगी, चिड़चिड़ापन लिए रहेंगी, सामान्य बात को जोर से कहेंगी । मतलब तुम चले जाओ मेरी जिंदगी से यानी रिश्ता खत्म । लेकिन वे अपनी बात आपके मुँह से उगलवाएँगी । हर बार आपको घेरेंगी, गलत ठहराएँगी और आपको माफी के हद तक गिरा देंगी । क्योंकि वे प्रेम में हैं । उनकी अधिकांश जिंदगी इसी खेल में बीत जाता है । इसमें जीतना उन्हें सुकून देता है । इसमें अधिक बार पुरुष छले जाते हैं । और कई बार स्त्री भी । जहाँ आकर्षपण, शोहरत और पैसे की भूख है वहाँ स्त्री छली जाती है और जहां प्रेम रहता है, वहाँ पुरुष ।  पुरुषों की कमी है कि वह अपनी पसंद की स्त्री के साथ हर स्थिति में रहना चाहता है । कुछ स्त्रियां भी ऐसी हैं। किंतु सभी नहीं । बहुत कम स्त्रियां हैं जो अपने रिश्ते के साथ लंबे समय तक बनी रहती हैं । इस टिप्पणी पर स्त्रियों की टिप्पणी अपेक्षित है । उनकी टिप्पणी बिना यह टिप्पणी अधूरी है । जब वह सीधे कहती हैं तबतक बहुत समय निकल चुका रहता है । पुरुष पीछा रह जाता है और स्त्री आगे चली जाती है । कुछ की मजबूरियां रहती हैं,...

क्या मेरी कुछ ऐसी गलतियां रही हैं जो माफी लायक नहीं है

जैसे भी हो, अब आप खुश होकर जीजिए । अब मैं कुछ भी नहीं बोलूँगा ।  अब मेरी न कोई आशा है, न कोई ख्वाब, न कोई चाह । मुझे अपनी सीमाएँ मालूम थी । ईश्वर से बड़ा कोई नहीं । जाइए, मगर सजा देकर नहीं । लगता है मैं कौन बड़ा पाप कर दिया । जानता कि आपको छुने की इतनी बड़ी सजा मिलेगी । मैं कभी नहीं छुता ।  इतना कोई निष्ठुरता से जाता है ? आपको क्या मालूम आपको देखने मात्र से मुझे कितनी खुशी मिलती थी । सारा संसार जी लेता था । चले जाइए मुझसे दूर । मेरा सबकुछ सूना करके । क्या पढी हैं कि मेरी आत्मा को नहीं पढ़ पाई ? मैंने आपको पढा- मैंने सीमाएँ नहीं लांघी ।मेरी आत्मा कभी नहीं धिक्कारेगी कि मैंने आपको सम्मान नहीं दिया । मेरी आत्मा आपके कदमों की धूल की भूखी थी । ऊपर से दिखने वाली मेरी जिद्दें जिद्द नहीं थीं । आपके प्रेम के आगे सब निष्फल थे । जैसे आप मुझे बचाना चाहती थी मैं भी आपको बचा रहा था ।

रिश्ता का टूटना किसी मृत्यु से कम नहीं

किसी रिश्ते का टूटना मृत्यु के समान है ! मेरी जिंदगी से आपका जाना, मुझे सबसे ज्यादा कमजोर बना दिया । आप मेरे उत्साह थे । जीवन थे । आज मेरा उत्साह चला गया । आपने अपना दिल का बोझ हल्का कर लिया । मैंने कभी नहीं समझा कि दूर जाएँगी । आप मुझसे दिखावा के लिए प्यार किए । आज मेरा सपना मर गया । आप मेरी हँसी, मेरा गर्व छीन लिए । पटना की गलियों में अब कभी हँसते हुए नहीं आऊँगा । आप मेरे लिए पूरी पटना थीं । मेरे सर की ताज़ । आपने बहुत सरलता से कह दिया, और मैं सुन भी लिया । शायद आप कोई जल्दीबाजी में निर्णय ले रहे हैं या किसी बहकावे में मुझे नहीं पाता । जब आप कमजोर होइएगा, हरेराम सिंह आपकी आत्मा के साथ खड़ा दिखेगा । एक सितारा की तरह, एक नक्षत्र की तरह । माँ कसम, मुझे कभी प्यार नहीं मिला, इसका मुझे मलाल रहेगा । मरते वक्त भी आप याद आएंगी । आपसे उम्मीद थी वह भी चला गया । आपको सच नहीं बोलना चाहिए था । इतने दिन में कितना कुछ ख्वाब देख लिया था । मुझे यकीन हो गया था कि आप मेरे जीवन को पार लगा देंगी । आज मैं पूरी तरह हार गया। शायद एक सुंदर पौधा सूख जाएगा । गंभीर व्यक्ति का प्रेम ❤️गहरा होता है । आपको अपनी बे...

उस दिन

मैं आपको सुन सकता हूँ । आपको समझ सकता हूँ ।  अपने दुःखों को ताक पर रखकर, समझौता कर सकता हूँ क्योंकि आपसे प्रेम करता हूँ । पर जिस दिन दुनिया आपकी न ही सुनेगी, न ही समझेगी उस दिन आपको लगेगा यह लड़का न सिर्फ मेरी सोच के करीब था; बल्कि दिल के भी करीब था । मुझे एक झलक पाने के लिए महीनों और कभी अंदर - अंदर वर्षों तड़पा करता था , रोया करता था , भगवान से मिन्नते मांगा करता था, उसकी हरकत बचकानी नहीं थी, उसका प्रेम था । शायद उसकी जिंदगी में प्रेम का अभाव था, आया था मुझसे प्रेम मांगने ।  और तो और उसे ही मालूम थी - टाइम, प्रेम और आदमी की वैल्यू । वह यह भी कि उसकी आँखों में पानी जरूर था । पर, वह न कमजोर था, न बहुत गरीब । वह कमजोर, भावुक , भीखेरा इसलिए था; क्योंकि वह मुझसे प्रेम कर बैठा था ...!!! वह साल में दो- तीन अच्छी मुलाकातें मांगता था जिसे वह गर्व के साथ प्रेम कह सके । वह डटकर अपनी जिम्मेवारियों को निभा भी रहा था । बस, कुछ अभाव थे उसकी जिंदगी में... जिसे पूरा कर रहा था वह मेरी आँखों में देखकर ।  आपको हैरत होगा एक दिन कि क्या मुझमें उसे दिख गया था कि वह मेरे लिए पागल था....!!!