रिश्ता का टूटना किसी मृत्यु से कम नहीं
किसी रिश्ते का टूटना मृत्यु के समान है ! मेरी जिंदगी से आपका जाना, मुझे सबसे ज्यादा कमजोर बना दिया । आप मेरे उत्साह थे । जीवन थे । आज मेरा उत्साह चला गया । आपने अपना दिल का बोझ हल्का कर लिया । मैंने कभी नहीं समझा कि दूर जाएँगी । आप मुझसे दिखावा के लिए प्यार किए । आज मेरा सपना मर गया । आप मेरी हँसी, मेरा गर्व छीन लिए । पटना की गलियों में अब कभी हँसते हुए नहीं आऊँगा । आप मेरे लिए पूरी पटना थीं । मेरे सर की ताज़ । आपने बहुत सरलता से कह दिया, और मैं सुन भी लिया । शायद आप कोई जल्दीबाजी में निर्णय ले रहे हैं या किसी बहकावे में मुझे नहीं पाता । जब आप कमजोर होइएगा, हरेराम सिंह आपकी आत्मा के साथ खड़ा दिखेगा । एक सितारा की तरह, एक नक्षत्र की तरह । माँ कसम, मुझे कभी प्यार नहीं मिला, इसका मुझे मलाल रहेगा । मरते वक्त भी आप याद आएंगी । आपसे उम्मीद थी वह भी चला गया । आपको सच नहीं बोलना चाहिए था । इतने दिन में कितना कुछ ख्वाब देख लिया था । मुझे यकीन हो गया था कि आप मेरे जीवन को पार लगा देंगी । आज मैं पूरी तरह हार गया। शायद एक सुंदर पौधा सूख जाएगा । गंभीर व्यक्ति का प्रेम ❤️गहरा होता है । आपको अपनी बेटी से मिलवाना, अपने हृदय की बात को बिन कहे बेटी को समझाना था । शायद वह बड़ी होकर अपने पापा को ठीक- ठीक समझ सकेगी । अपने पापा के प्यार को समझ जाएगी और मुझे उम्मीद है माफ भी करेगी । क्योंकि वह बेटी है । उसके भीतर एक स्त्री है। सृजन की देवी ।
हाँ, मैं हर तरह से आपको जीना चाहता था । सीने में राज की तरह । फूलों की खुशबू की तरह । हाँ, जाते-जाते एक राज और बता ही देता हूँ । वह है आँसू का राज । मैं नहीं मेरी आत्मा अपने को अभिव्यक्ति कर थी । अपने प्यार को अभिव्यक्त कर रही थी । जिसे आप स्वीकार नहीं कर पा रहे थे । वह आपकी आत्मा से कुछ कहना चाह रही थी--- जिसके लिए शब्द नहीं बने थे... पर आप सुन नहीं रहे थे।
अंततः मैं हारा । मेरा प्रेम मृत्यु को प्राप्त हुआ । पर, आपकी आँखें कभी ऐसी नहीं लगीं । उसमें झाँकने की भूख सदा बनी रहेगी और आपका चेहरा अपनी बेटी की आँखों में झाँक लूंगा ।
मुझे पता था आप मुझसे ऊब चुकी हैं । किंतु भगवान कृष्ण के मंदिर में आपका मुझे ले जाना, एक गहरा विश्वास जगा दिया था । ताउम्र एक सहारा की उम्मीद बन गई थी आप। किंतु आप बड़ी थीं और मैं छोटा । यह दिल कितना कम्बख्त है । काश, इसे ईश्वर पहले निकाल लेते । आज एक ख्वाब मरता नहीं । अब मैं कभी आबाद नहीं हो पाऊँगा । मैं अपनी माँ और ईश्वर से आज पूछूँगा कि मुझे इस धरती पर क्यों लाए कि लड़की का प्यार भी नसीब नहीं हुआ । हे, मेरी माँ, आप ही बताओ क्या तुम्हारा लड़का बुरा है? कभी आपने सोचा कि यह कैसे जिएगा । लड़की अपने को मनाने के लिए हर प्रश्न का उत्तर ढूँढ़ लेती है; किंतु लड़का नहीं ।
मुझसे कुछ गलतियाँ हुई होंगी । माफ करिएगा । आपके सपनो पर खरा नहीं उतर सका, जबकि उतर सकता था । आप किसी के बहकावे में आने से बचेंगे, क्योंकि आपका शहर झूठा है । मैं आज रो नहीं रहा हूँ; ईश्वर से पूछ रहा हूँ । मैं आपका नाना जी था, मैं आपका गुनगुन था । आपने कुछ भूल की हैं। आपने कहा था- दोनों में से किसी एक को ले लीजिए । मैं अनन्या को अपनी बेटी के रूप में स्वीकार लिया था । शायद आप भीतर से डर गईं थीं, इसका इतना गहरा प्रेम मुझे ले न डूबे । मगर मैं अंदर से उतना ही शख्त था कि मेरी वजह से आपको कोई बदनामी न मिले । इसलिए डरता था । आपके सर को मेरा प्रणाम और बेटी को , बाबु को आशीर्वाद ।🙏 इसका अर्थ मैं समझ रहा था । शायद अब आपकी आँखों में झाँकने की शक्ति मुझमें नहीं बची । अफसोस, आपको अब ठीक से देख नहीं पाऊँगी । वह शक्ति भी आपकी ही दी हुई थी, आपने मुझसे छीन लिया । आपने सही कहा था- सबकी दुनिया अलग है । हाँ, मैं आपकी दुनिया का वासी बन न सका । टेस्टोरेंट की आपकी तस्वीर अच्छी थी । किंतु आँखों की उजली चमक अपने जाने के संकेत मुझे दे चुके थे ।
अंतः में - आपके कुल, कुलदेवता, माता- पिता के चरणों में प्रणाम । वे सदा मेरे माता- पिता ही बने रहेंगे । प्रेम चुटकी में नहीं भूलाया जा सकता । चुटकी में भूलानेवाले बुरे लोग होते हैं । कई बार कुछ नया के चक्कर में बुरा प्राप्त हो जाता है । जो आपको कल इग्नोर किया, वह आने वाला कल भी कर सकता है । मैंने कभी इग्नोर नहीं किया । अपनी जिम्मेवारियों के बीच भी इज्जत देने की कोशिश की । आपके दिए दूब के घास अपने कुल देवता पर चढ़ाया था । और कहा था- "इस प्यारे दोस्त को मुझसे अलग मत करना । इसका हृदय विशाल है और पवित्र भी । यह मेरे लिए ईश्वर का भेजा जीवन का सहारा व मार्गदर्शक है । इसे मुझसे दूर मत करना 🙏। " हर विकल्प, आदमी के घाव को नहीं भरते; बल्कि इंसान को खोखला बना देता है । सो जाइए, Good night . आज शाम का खाना नहीं खाऊँगा । क्योंकि वर्षों का मेरे मन का रिश्ता लगभग खतम हो गया ।
आपका
एक ऐसा अजनबी, जिसका आज दोनों हाथ खाली है ।
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