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Showing posts from February, 2026

हिसाब किताब

स्त्रियाँ कहती हैं- तुम जाओ । इतना बेवकूफ नहीं हो कि मेरी भाषा समझ नहीं रहे हो । वे गुस्सा करेंगी, चिड़चिड़ापन लिए रहेंगी, सामान्य बात को जोर से कहेंगी । मतलब तुम चले जाओ मेरी जिंदगी से यानी रिश्ता खत्म । लेकिन वे अपनी बात आपके मुँह से उगलवाएँगी । हर बार आपको घेरेंगी, गलत ठहराएँगी और आपको माफी के हद तक गिरा देंगी । क्योंकि वे प्रेम में हैं । उनकी अधिकांश जिंदगी इसी खेल में बीत जाता है । इसमें जीतना उन्हें सुकून देता है । इसमें अधिक बार पुरुष छले जाते हैं । और कई बार स्त्री भी । जहाँ आकर्षपण, शोहरत और पैसे की भूख है वहाँ स्त्री छली जाती है और जहां प्रेम रहता है, वहाँ पुरुष ।  पुरुषों की कमी है कि वह अपनी पसंद की स्त्री के साथ हर स्थिति में रहना चाहता है । कुछ स्त्रियां भी ऐसी हैं। किंतु सभी नहीं । बहुत कम स्त्रियां हैं जो अपने रिश्ते के साथ लंबे समय तक बनी रहती हैं । इस टिप्पणी पर स्त्रियों की टिप्पणी अपेक्षित है । उनकी टिप्पणी बिना यह टिप्पणी अधूरी है । जब वह सीधे कहती हैं तबतक बहुत समय निकल चुका रहता है । पुरुष पीछा रह जाता है और स्त्री आगे चली जाती है । कुछ की मजबूरियां रहती हैं,...

क्या मेरी कुछ ऐसी गलतियां रही हैं जो माफी लायक नहीं है

जैसे भी हो, अब आप खुश होकर जीजिए । अब मैं कुछ भी नहीं बोलूँगा ।  अब मेरी न कोई आशा है, न कोई ख्वाब, न कोई चाह । मुझे अपनी सीमाएँ मालूम थी । ईश्वर से बड़ा कोई नहीं । जाइए, मगर सजा देकर नहीं । लगता है मैं कौन बड़ा पाप कर दिया । जानता कि आपको छुने की इतनी बड़ी सजा मिलेगी । मैं कभी नहीं छुता ।  इतना कोई निष्ठुरता से जाता है ? आपको क्या मालूम आपको देखने मात्र से मुझे कितनी खुशी मिलती थी । सारा संसार जी लेता था । चले जाइए मुझसे दूर । मेरा सबकुछ सूना करके । क्या पढी हैं कि मेरी आत्मा को नहीं पढ़ पाई ? मैंने आपको पढा- मैंने सीमाएँ नहीं लांघी ।मेरी आत्मा कभी नहीं धिक्कारेगी कि मैंने आपको सम्मान नहीं दिया । मेरी आत्मा आपके कदमों की धूल की भूखी थी । ऊपर से दिखने वाली मेरी जिद्दें जिद्द नहीं थीं । आपके प्रेम के आगे सब निष्फल थे । जैसे आप मुझे बचाना चाहती थी मैं भी आपको बचा रहा था ।

रिश्ता का टूटना किसी मृत्यु से कम नहीं

किसी रिश्ते का टूटना मृत्यु के समान है ! मेरी जिंदगी से आपका जाना, मुझे सबसे ज्यादा कमजोर बना दिया । आप मेरे उत्साह थे । जीवन थे । आज मेरा उत्साह चला गया । आपने अपना दिल का बोझ हल्का कर लिया । मैंने कभी नहीं समझा कि दूर जाएँगी । आप मुझसे दिखावा के लिए प्यार किए । आज मेरा सपना मर गया । आप मेरी हँसी, मेरा गर्व छीन लिए । पटना की गलियों में अब कभी हँसते हुए नहीं आऊँगा । आप मेरे लिए पूरी पटना थीं । मेरे सर की ताज़ । आपने बहुत सरलता से कह दिया, और मैं सुन भी लिया । शायद आप कोई जल्दीबाजी में निर्णय ले रहे हैं या किसी बहकावे में मुझे नहीं पाता । जब आप कमजोर होइएगा, हरेराम सिंह आपकी आत्मा के साथ खड़ा दिखेगा । एक सितारा की तरह, एक नक्षत्र की तरह । माँ कसम, मुझे कभी प्यार नहीं मिला, इसका मुझे मलाल रहेगा । मरते वक्त भी आप याद आएंगी । आपसे उम्मीद थी वह भी चला गया । आपको सच नहीं बोलना चाहिए था । इतने दिन में कितना कुछ ख्वाब देख लिया था । मुझे यकीन हो गया था कि आप मेरे जीवन को पार लगा देंगी । आज मैं पूरी तरह हार गया। शायद एक सुंदर पौधा सूख जाएगा । गंभीर व्यक्ति का प्रेम ❤️गहरा होता है । आपको अपनी बे...