गजल

ग़ज़ल

बहुत आराम से आपका जाना हमें याद है !
जाना था इक दिन आपको, आपका जाना हमें याद है !

कितना कहा, थोड़ा ठहरने की आरजू हमने की ।
फिर भी न ठहरे, आपका मुस्कुराकर जाना हमें याद है !

वह तारीख मेरे लिए बहुत ग़म लेकर आई थी ।
आपकी किस्मत में किसी का दाखिल होना हमें याद है !

हम हार गए थे, आप पूरी तरह जीत गए थे ।
मुझे उस हाल में छोड़कर, आपका दूर जाना याद है !

हम अपनी किस्मत पे रात भर राते रहे ।किसी और की बाहों में आपग खेलना हमें याद है !

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